Pakistan's Most Disturbing Case - 2024
जब इंसान के दिमाग में हवस चढ़ जाती है ना तो वह उससे कुछ भी करा देती है और इस बात पर आप सबको भी यकीन हो जाएगा यह वाला केस सुनने के बाद हम सब बचपन से ही एक जगह जाने से घबराते हैं चाहे कोई कितना भी अमीर हो गरीब हो बहादुर हो कायर हो कैसा भी हो एक जगह है जहां कोई नहीं जाना चाहता और वह है कब्रिस्तान बट आज के केस में जो क्राइम हुआ है वह और कहीं नहीं बल्कि कब्रिस्तान में ही हुआ है यह केस है पाकिस्तान का और यह केस इतना ज्यादा डिस्टर्बिग है जब मैं इस पे रिसर्च कर रहा था तो हर मेरे दिमाग में बस एक ही चीज आ रही थी कि इस दुनिया में लड़कियां ना तो
जिंदा सेफ है और ना मरने के बाद खैर बिना टाइम वेस्ट करे हम आज की वीडियो स्टार्ट करते [संगीत] हैं के टाइम की बात है पाकिस्तान के एक छोटे से गांव सरगोधा इस गांव पे ज्यादा सुविधाएं नहीं है ज्यादा काम करने के लिए अपॉर्चुनिटी नहीं है जिसकी वजह से लोग अक्सर इस गांव से बाहर आ जाते हैं काम करने के लिए ताकि वो अपनी फैमिली के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम कर सके कुछ इसी मकसद से मोहम्मद रियाज नाम का एक जवान लड़का सरगोधा से निकलकर कराची के पास एक शहर में जिसका नाम होता है लिका बाद वो लिका बाद में आ जाता है सिर्फ काम की तलाश
में तो थोड़े दिनों तक यहां वहां तलाश करने के बाद फाइनली उसे एक जॉब मिल जाती है जिसमें उसे कब्रिस्तान में पानी डालना होता था और जो बूढ़े लोग ये सब होते हैं जो आसपास के थे उनकी देखभाल करनी होती थी और यहां उसकी दोस्ती होती है वजीरा नाम के आदमी से समय के साथ-साथ इनकी दोस्ती और गहरी होती जाती है एक दिन रियाज वजीरा को एक कबर में जाते हुए देखता है रात का समय था रियाज अपना काम कर रहा था और वो देखता है कि जो वजीरा है वो किसी कबर के अंदर जा रहा है और फिर थोड़ी देर बाद वह बाहर आ जाता है रियाज को समझ नहीं आता कि वजीरा आखिर कर क्या रहा है ये वेल हर रात को अब
रियाज नोटिस करने लगता है कि वजीरा हर रात को कब्र के अंदर जाता था और फिर थोड़ी देर बाद बाहर आ जाता था अब रियाज के दिमाग में कुछ सवाल घूम रहे होते हैं कि वजीरा हमेशा अंधेरा होते ही कब्रों के अंदर क्यों जाता है आखिर मामला क्या है और जब उसको उसके आंसर नहीं मिलते तो फाइनली वह वजीरा से ही पूछ लेता है कि भाई आखिर क्या सीन है तू क्यों जाता है कब्र के अंदर और क्या करता है वहां पर और फिर वजरा रियाज को अपनी सारी हरकतें बता देता है व अक्सर कब्र के अंदर जाकर बहुत घिनौने काम करता था दरअसल वजीरा सूरज डूबने के बाद जो भी बॉडी
कब्रिस्तान में लाई जाती थी उस परे नजर रखता था और जब घर वाले उस बॉडी को दफनाकर वहां से चले जाते थे तो वजीरा चेक करता था कि क्या यह किसी मेल की बॉडी है या किसी फीमेल की अब आप सबको लग रहा होगा कि आखिर चेक कैसे करता था क्योंकि जो भी बॉडी हो तो कब्र के अंदर है तो उसे कैसे पता चलेगा ये मेल की है या फीमेल की है तो दरअसल पाकिस्तान में एक नियम है कि फीमेल की बॉडीज के कबर को एक चादर से ढक दिया जाता है जिससे कोई भी अंदर ना देख पाए और इसी बात को गौर से देखता था वजरा ताकि उसे पता चल सके कि ये मेल की है या फीमेल की बॉडी और जब घर वाले दफनाने के बाद सब वहां से
चले जाते थे कब्रिस्तान में कोई भी नहीं होता था तो मौका देखकर वजीरा जाता था और जहां पर व कबर पू पूरी दफना होती थी उधर की मिट्टी निकालता था कबर खोलता था और कबर के अंदर थोड़ी सी जगह बनाता था एक्चुअली कबर में थोड़े ईट वटे रख दी जाती है ताकि जो मिट्टी है वो नीचे तक ना आ सके ईंटों से पूरा ढक दिया जाता है तो थोड़ी बहुत ईंट हटाता था जिस मतलब इतनी हटा देगा कि वो आराम से अंदर जा सके और फिर उसके बाद वो वो चीजें करता था जो किसी ने शायद सपने में भी ना सोची हो वो लड़कियों की बॉडीज के साथ गलत काम करने लग जाता था और अगर अच्छे से कहूं तो लड़कियों की डेड बॉडीज
के साथ अब ये सारी बातें रियाज को जब पता चलती है तो एक नॉर्मल दोस्त क्या करता दोस्त छोड़े एक नॉर्मल इंसान क्या करता पुलिस को जाके बताता या फिर मतलब चलो ठीक है भाई दोस्त है तू मैं तेरे को ज्यादा फंसा नहीं सकता ये वो तो कम से कम उसे समझाता कि तू पागल है तू क्या कर रहा है तू बेवकूफ है तू जाके डॉक्टर को दिखा ये वो है ना बट रियाज ऐसा कुछ नहीं करता है इनफैक्ट रियाज खुद वजीरा को ये पूरा जो वजीरा काम करता था ये जो गंदी हरकतें हो रही थी उसका पार्ट बन जाता है रियाज और वजीरा अब एक ग्रुप की तरह काम करने लग जाते हैं और ये चीजें सेम करते रहते हैं
अब कुछ दिन बाद क्या होता है जो वजीरा होता था वो बहुत ज्यादा ड्रग्स ये सब यूज करता था और एक बार वह ओवरडोज ले लेता है और उस ओवरडोज की वजह से वजीरा की एकदम से मौत हो जाती है अब रियाज एकदम अकेला पड़ चुका है उसका साथी जा चुका है उसका दोस्त जा चुका है बट उसके जो मकसद था वो जो वो जो गंदी हरकतें थी व नहीं जाती वह अब अकेले ही वह सब चीजें करने लग जाता है और यह सारी चीजें कई सालों तक रियाज करता रहता है मगर एक बार की बात है जब रियाज यही सब कर रहा था बट वो कुछ ऐसा देख लेता है उसको को कुछ ऐसा देखने को मिल जाता है कि रियाज की तो मानो वहीं पर सांसें रुक
चुकी थी साल था अक्टूबर का हल्की-हल्की ठंडी हवाएं चल रही थी अंधेरा हो चुका था और तभी कब्रिस्तान में एक मुर्दे को लेके उसके घर वाले आते हैं उसे दफनाते हैं करीब एक घंटे के बाद वह वहां से चले जाते हैं और वो लाश एक लड़की की होती है रियाज को इसी का तो इंतजार था जब सब वहां से चले जाते हैं अब कब्रिस्तान में कोई भी नहीं है तो रियास जाता है और धीरे-धीरे उस कबर को खोलना चालू कर देता है कबर के अंदर जाते ही उसने अपनी घिनौनी हरकतें शुरू कर दी मगर कुछ देर बाद रियाज को कुछ अजीब सा लगा जो लड़की की बॉडी थी उस पर से जो कपड़ा था वह हट जाता है खुद
ही और वह जो कपड़ा होता है उसे कफन बोलते हैं और वह वहां पर नहीं होता व गायब हो जाता है एकदम से उसके बाद रियाज की नजर लड़की के दांतों पर पड़ती है और उसके दांत बड़े अजीब तरीके से चमक रहे होते हैं और फिर जब एकदम से रियाज उस लड़की के मतलब एकदम फेस पे गौर फरमाता है तो देखता है कि लड़की की जो आंख है वह भी खुली हुई है और वो भी बड़ी अजीब तरीके से चमक रही है जिसे देखते ही रियाज एकदम से बहुत ज्यादा डर जाता है उसे लगता है कि यह लड़की शायद अभी भी जिंदा है या फिर मानो वो मुर्दा थी लेकिन जाग चुकी है ये कोई चुड़ैल है भूत है उसे जो भी लगता है बट उसे वहां पे बहुत
ज्यादा डर लग जाता है और वो वहां से कैसे तो करके भागता है अब वो भागकर थोड़ा सा आगे जाता है वहां पे उसे लोग मिल जाते हैं और वो लोगों को समझाता है कि वहां वहां पे व वो लड़की मरी हुई थी लेकिन अब वो जिंदा है वो उसकी आंखें खुली हुई है वो वो वो भूत है वो वो बहुत डरा हुआ है रियास सब लोग उसे पहले तो शांत करते कि भाई भाई शं लो भाई कोई बात नहीं आप पानी पियो ये सब और फिर वो सारे लोग बोलते हैं हम एक बार देखते हैं वो जब अंदर आके देखते हैं कब्रिस्तान में तो वो देखते हैं जो कबर है वो खुली हुई है मिट्टी सारी हटी पड़ी है ईंट जो रखी हुई थी वो तो उन्हें लगता है
कि ऐसा कैसे हो सकता है को ये कवर की य हालत कैसे है और यही सोचते सोचते वो रियाज को देखते हैं तो कहीं ना कहीं उनके दिमाग में एक चीज आ जाती है कि हो ना हो यह सारी जो हरकतें हैं यह रियाज ने ही करी है उसी ने कबर खोली है उसी ने जगह बनाई है और जो लड़की की हालत होती है जो लड़की की हालत जब वो देखते हैं तो उन्हें समझ आ जाता है कि रियाज आखिर कर क्या रहा था और जैसे ही इन सब लोगों को यह रियलाइफ नंबर्स में ज्यादा होते हैं और सब उसे इतना मारते हैं कि वो लिटरली अधमरा हो जाता है और जब उसकी हालत इतनी बुरी हो जाती है कि वह हिल भी ना सके बोल भी ना
सके तब जाके वो पुलिस को बुलाते हैं पुलिस बिना देर करे जो लोकेशन होती है वहां पर आ जाती है पुलिस आती है वो उसको अरेस्ट कर लेती है और फिर ले जाती अपने साथ कुछ दिनों बाद रियाज का एक इंटरव्यू लिया जाता है जो कि पाकिस्तानी चैनल में पूरा टेलीकास्ट होता है क्या नाम क्या है मोहम्मद रियाज क्या उम्र है साल साल अच्छा और कहां के रहने वाले हो सरगोधा और उस इंटरव्यू में रियाज पूरा कबूल कर लेता है कि उसने जो जो किया कैसे कैसे किया क्यों किया सब कुछ फिर वह बताता है कि उसने एक लड़की नहीं दो नहीं तीन नहीं बल्कि टोटल लड़कियों के साथ यह सब किया
था कि कितने मुर्दों के साथ यह कर चुके हो ये के साथ हो गए खवातीन के सा हां खवातीन के साथ जिसे सुनकर न्यूज़ रिपोर्टर के तो होश उठ जाते हैं और पूरे पाकिस्तान में वीडियो वायरल हो जाती है हर कोई बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा मतलब गुस्से में था सब चाहते थे कि रियाज को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए इनफैक्ट ऐसी सजा दी जाए कि जिस जो एक उदाहरण बने आने वाली जनरेशन के लिए कि कभी भी ऐसा मत करो और करने की बात तो छोड़ो कभी ऐसी सोच भी किसी के अंदर ना आ पाए अब रियाज को कोर्ट ले जाया जाता है पूरे पाकिस्तान की नजर इस फैसले पे गड़ी होती है कि आखिर उसे
क्या सजा मिलेगी और कोर्ट रियाज को फांसी की सजा सुना देता है बट पता है हैरानी की बात क्या है हैरानी की बात यह है कि रियाज अभी भी जिंदा है और अभी भी पाकिस्तान की जेल में सड़ रहा है और आज भी हर एक पाकिस्तानी रियाज की फांसी का इंतजार कर रहा है यह हरकत जो रियाज और वजरा ने करी थी इसको नेक्रोलिटिक बीमारी है जिसमें इंसान को जो डेड बॉडीज होती है उनकी तरफ सेक्सुअल अट्रैक्शन होता है और वह उन बॉडीज से अपनी हवस मिटाते हैं यह कोई पहला केस नहीं है नेक्रोलिटिक काम करा था और क्या इनफैक्ट आज की डेट में भी यह सारे केसेस आते रहते हैं आज
भी लोग डेड बॉडीज के साथ घिनौने काम करते रहते हैं पाकिस्तान के पंजाब के ओका से ही मार्च में एक ऐसा ही केस सामने आया था जिस जिसमें अशरफ नाम का एक आदमी था जो कि रेड हैंड पकड़ा गया था ऐसे गिनने काम करते हुए फिर के अगस्त में पाकिस्तान के थाट में एक साल की लड़की की डेड बॉडी को एक आदमी ने कबर से निकाला और उसके साथ घिनौनी हरकतें कर दी वेल आप सबको लग रहा होगा कि यह सब चीजें पाकिस्तान में ही क्यों हो रही है बट ऐसा नहीं है यह सारी चीजें सिर्फ पाकिस्तान में ही नहीं बल्कि इंडिया में भी होती है इंडिया का मोस्ट
फेमस केस थारी कांड इस केस को इंडिया के क्रिमिनल हिस्ट्री का वन ऑफ द मोस्ट ब्रूटल केस माना जाता है जब मुझे इसके बारे में पता चला तो मैं यह सोचने में मजबूर हो गया कि हमारे आसपास क्या सही में इंसान ही रहते हैं या इंसान की शक्ल में दरिंदे जिन्हें हम गलती से इंसान समझ लेते हैं निठारी में भी इंसान के भेष में दो दरिंदे रहा करते थे मुनेंद्र सिंह पंढल और सुरेंद्र कोली वेल निठारी नोएडा में बसा एक गांव है वो कहते हैं ना कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं वैसे ही निठारी के भी दो पहलू थे एक तरफ देखोगे तो बहुत बड़े-बड़े मकान मॉल सब
कुछ सब कुछ डेवलप्ड एरिया मतलब कि आप बोलोगे वाह क्या जगह है और दूसरी तरफ देखोगे तो झोपड़पट्टी में लोग रह रहे हैं बेचारे रोज अपना काम कर रहे हैं हार्ड वर्क कर रहे हैं ऐसे तो करके इतना काम करने के बाद भी उनके पास दो वक्त की रोटी नहीं आ पा रही जिन्हें देखकर आपको लगेगा कि सही में डेवलप्ड एरिया है क्योंकि डेवलपमेंट तो सिर्फ वहां अमीरों की ही हो रही है हालांकि यहां पर गरीबी थी बट लोग खुशहाल अपनी जिंदगी जी रहे थे रोज मेहनत करते थे अपने परिवार को पालते थे और खुशी-खुशी रहते थे बट में कुछ ऐसी चीजें सामने आने लगी कि मानो इस गांव को
तो किसी की नजर ही लग गई हो इसी सेक्टर में एक घर डी फ था जिसमें कुछ ऐसे रात छुपे थे जिस पर से जब पर्दा हटा तो उसने पूरे देश को हिलाकर रख [संगीत] दिया मई निठारी में एक फैमिली रहा करती थी नंदलाल जी की उनकी साल की बेटी पायल मई को डी फ में हाउस हेल्प के तौर पर काम करने जाती है मगर वह कभी वापस ही नहीं लौटती और जब पायल घर में नहीं लौटती काफी देर ही हो जाती है और पायल जब बहुत देर तक घर पर नहीं लौटती तो नंदलाल जी बहुत ज्यादा चिंतित हो जाते हैं उन्हें टेंशन हो जाती है कि आखिर उनकी बेटी गई तो गई कहां उनकी पूरी फैमिली घबरा जाती है
क्योंकि निठारी में से ही बच्चों और जवान लोगों की किडनैपिंग हो हो रही थी मगर पुलिस कुछ नहीं कर पा रही थी मगर कितनी भी कंप्लेंट कर लो कुछ भी कर लो पुलिस कुछ कर ही नहीं पा रही थी वह ना तो किडनैपिंग रोक पा रही थी ना ही किडनैपर्स पकड़ पा रही थी और इसी वजह से जो नंदलाल जी थे वोह बहुत ज्यादा टेंशन में आ चुके थे वेल अब नंदलाल जी खुद बाहर निकल जाते हैं और व सबसे पूछने लगते हैं कि आपने मेरी बेटी को देखा आपने देखा आपने देखा वो ऑटो वाले से पूछते हैं जो सब्जी बेच रहे हैं उनसे पूछते हैं और फाइनली कोइंसिडेंटली बोलो या
फॉर्चूनेटली बोलो वो एक रिक्शा वाले के पास जाकर पूछ लेता है कि कि आपने इस लड़की को कभी देखा था क्या जिस पे रिक्शा वाला बताता है कि हां इन्हें तो मैंने सुबह ही एक घर पे छोड़ा है नंदलाल जी बोलते हैं कि आपने उसे कहां छोड़ा था वो बताते हैं कि dकरके वो मतलब ऐसे dनाम नहीं लेते वो पूरा जगह का एड्रेस बता देते हैं कि आप इस साइड जाओगे यहां से राइट लोगे तो वहां पे एक घर पड़ेगा इस टाइप का मैंने उसके सामने छोड़ा था वेल रिक्शा वाला जब ये सब बता रहा है तो उसके अंदर थोड़ा गुस्सा भी आ रहा था मतलब रिक्शा वाला गुस्सा हो रहा था
तो वो बताता है नंदलाल जी को कि आपकी अगर वो बेटी है तो उस लड़की ने मेरा किराया भी नहीं दिया तो मैं उसे सुबह छोड़कर गया वो बिना किराए दिए घर के अंदर चली गई और काफी देर तक बाहर ही नहीं आई उसके बाद जब मैं उस घर प जाके घंटी बजाने लगा क्योंकि मुझे किराया चाहिए था तो घर के अंदर से कोई एक नौकर आता है जिसका नाम होता है सुरेंद्र कोली सुरेंद्र उस रिक्शा वाले से कहता है कि जो पायल थी वो तो यहां से जा चुकी है बट रिक्शा वाले को बिल्कुल यकीन ही नहीं होता क्योंकि वो तो बाहर ही इंतजार कर रहा था उसने जाते हुए अंदर जाते हुए तो देखा
था बट बाहर आते हुए उसने नहीं देखा था तो वो यकीन ही नहीं कर रहा था कि नहीं नहीं ऐसे कैसे हो सकता है मैं यही हूं भाई तब से झूठ मत बोलो अब जब रिक्शा वाला मानता ही नहीं है तो सुरेंद्र को भी गुस्सा आ जाता है और और वो बस गुस्से में ऐसे एक ईंट उठा के रिक्शा वाले को मार देता है और रिक्शा वाला फिर कैसे तो करके वहां से भाग जाता है अब यह सारी बातें जब नंदलाल जी को पता चलती है तो उन्हें यह पता चल जाता है कि हो ना हो जो उनकी बेटी गायब हुई है वो जो तब से आई नहीं है इसके पीछे डी फ बंगलों में जो रह रहे हैं उन्हीं का हाथ है अब यह सोचकर वो डी फ बंगलों में चले
जाते हैं डोर बेल बजाते हैं तो घर के अंदर से उस घर का मालिक मनिंद्र सिंह पांडेल बाहर आता है जब नंदलाल जी उसे सारी बातें बताते हैं तो मोनिंदर ने तो उनकी बेटी को पहचानने से ही मना कर दिया अब नंदलाल जी पुलिस स्टेशन जाते हैं पूरी ये एफआईआर करवाने बट वहां से पुलिस की साइड से उन्हें वही सुनने को मिलता है जो में हर किसी को सुनने को मिल रहा था क्या अरे अपनी मर्जी से गई होगी कुछ दिनों में वापस आ जाएगी आप टेंशन मत लो आप जाओ यहां से वो आ जाएगी यही सब उन्हें सुनने को मिलता है नंदलाल जी अब समझ चुके थे कि पुलिस तब तक
कुछ नहीं करेगी जब तक उन परे प्रेशर ना पड़े अब नंदलाल जी ने तुरंत एक वकील की मदद से सेशन कोर्ट में अर्जी दाखिल करी और अब अपनी परेशानी जज से बताई और जो जज होते हैं वह इस पूरी पूरी घटना को सीरियसली लेते हैं और पुलिस को आर्डर देते हैं कि जल्दी-जल्दी इसकी जांच पड़ताल करी जाए अब पुलिस पर भी प्रेशर था प्रेशर की वजह से पुलिस भी जल्दी-जल्दी पूरी जांच पड़ताल कर रही थी और जांच पड़ताल करते-करते पुलिस को पता चलता है कि अभी तक जितनी भी लड़कियां और बच्चे गायब हुए हैं वो सारे उन सबकी जो लास्ट लोकेशन आ रही है वो dके आसपास ही
आ रही है अब पुलिस जल्दी से पूरी फोर्स लेकर dमें पहुंच जाती है अब जब वो dमें जाक रिसर्च चालू करते हैं तो वहां पे उन्हें एक टंकी मिलती है जिसके नीचे नाला होता है और वहां पुलिस को कुछ प्लास्टिक बैग्स दिखते हैं और जब पुलिस उन प्लास्टिक के बैग्स को खोलती है तो उसमें उनको ह्यूमन बॉडी पार्ट्स दिखते हैं जो कि अलग लड़कियों के होते हैं और यह प्लास्टिक बैग्स मोनिंदर के घर के पीछे से ही मिलते हैं तो पुलिस सबसे पहले मोनिंदर और उसके नौकर को अरेस्ट कर लेती है उनसे सख्ती से पूछताछ करती है अब जब पुलिस इन सबको ले आती है तो इनको बहुत पीटती है बहुत शक्ति
से इनके साथ डील करती है और शक्ति से डील करने के बाद जो सुरेंद्र होता है वो एक चीज एक्सेप्ट कर लेता है कि जो सुरेंद्र है वो कई लड़की बच्चे औरतें जो भी है उन सबको सुरेंद्र मालिक के पास लेकर आता था और उन्हें मार देता था और फिर जो उनकी बॉडीज थी उसके साथ करता था वेल आप सब सोच रहे होंगे कितना घिनौना काम है और सोच क रहे होंगे है घिनौना घटिया काम किसी लड़की को ऐसे अगवा करके लेकर आना उसको मारना और उसके मरने के बाद बॉडी के साथ यह सब करना बट कहानी यहां खत्म नहीं होती है इनके जो खौफनाक इरादे थे यह यहां खत्म नहीं होते बॉडीज के साथ सेक्स करने के बाद यह बॉडीज
को काटते थे और उसको उबालकर खुद ही खा जाते थे हां सही सुना आपने सुरेंद्र बॉडी पार्ट्स को उबाल कर खा जाता था और जो बचे हुए पार्ट्स होते थे उन्हें प्लास्टिक के बैग में पूरा अच्छे से पैक करके पीछे जो नाला था उधर फेंक देता था वेल इस साइड सुरेंद्र ने तो अपने गुनाह सब कुछ एक्सेप्ट कर लिए थे बट दूसरी साइड मुनेंद्र हमेशा यही कहता था कि उसको इन सब चीजों के बारे में नहीं पता इनफैक्ट वो तो नोएडा में जो dउसका घर है उसमें भी बहुत कम रहता है अब पुलिस से यह केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया जाता है सीबीआई ने हर उस गुनाह जिसमें भी मोनिंदर का नाम सामने आ
रहा था उन केसेस को साइडलाइन कर दिया और सुरेंद्र वाले केसेस को आगे कर दिया इस केस की सुनवाई में बहुत बार सजाएं बदली गई कई बार मनेंद्र और सुरेंद्र को जब कोर्ट में ले जाया गया तो कोर्ट इन दोनों को फांसी की सजा दे देती थी और फिर यह केस जब दूसरे कोर्ट जाता था तो वहां पे जो कोर्ट होती थी वोह फांसी की सजा हटाकर कुछ और सजा दे देती थी और ऐसा ही तक चलता रहा और अक्टूबर को अलाहाबाद कोर्ट ने सबूत कम होने के कारण कुछ ऐसे फैसले दिए जिसको सुनने के बाद आप सबको यकीन ही नहीं होगा कोर्ट ने सुरेंद्र और मोनिंदर इन दोनों के सारे केसेस हटाकर उनको बेल दे
दी जब यह फैसला बाहर आता है तो जो विक्टिम्स के जो फैमिली मेंबर्स होते हैं वो यह सुनकर हक्के बक्के रह जाते हैं और फैमिली मेंबर्स क्या पूरा भारत यह जब वे फैसला सुनता है तो हर किसी के दिमाग में यही होता है कि फांसी इन सबको तो फांसी भी कम है इन सबके लिए कुछ ऐसी सजा बननी चाहिए जो कि एक मिसाल बने बट मिसाल तो बहुत दूर की बात है यह तो इनको तो बेल मिल चुकी है यह दोनों आज भी हमारे देश में खुलेआम घूम रहे हैं वेल आपको जानकर हैरानी होगी कि कर्नाटका कोर्ट ने नेक्रोलिटिक साइकोसेक्सुअल बीमारी है और यह पैनल कोड में जो सेक्सुअल ऑफेंसेस बताए गए हैं
उनके अंडर नहीं आती है और आईपीसी में ऐसी कोई धारा नहीं है जो नेक्रोलिटिक हो जाएगा जब किसी इंसान के दिमाग में हवस अपनी जगह बना लेती है तो वह इंसान से कुछ भी करा सकती है वेल क्रिमिनल केस स्टडी करने के दौरान अक्सर नए-नए अजीब अजीब टाइप के केसेस मिलते हैं बट इस टाइप का केस मैंने ना तो इमेजिन करा था ना ही कभी सुना था यह एक्चुअली में बहुत डिस्टर्बिग था एंड आई जस्ट रियली होप कि एक नया लॉ निकला जाए जिसमें इस टाइप के लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए सो या गाइस दैट्ची
